दक्षिण ज्योति आर्या आदर्श ज्योतिजी म. परिचय

दक्षिण ज्योति पू. श्री डॉ. आदर्श ज्योति जी म. सा. जो एक बहुमुखी प्रतिभा के धनी है | आपने 1960 में इंदौर महानगरी में जन्म लेकर शिक्षा के साथ-साथ संस्कारों को भी महत्व दिया और मात्र 17 वर्ष की लघु आयु में आध्यात्मिक नगरी सैलाना में पूज्य श्री रतन कुंवर जी, पू. श्री श्रीमती म. सा. के पावन सानिध्य में संयम को स्वीकार किया उसके बाद आगम, न्याय आदि का गहन अध्ययन किया और विशेष शिक्षा हेतु बॉम्बे श्रमणी विद्यापीठ में 3 वर्ष तक संस्कृत, प्राकृत आदि के अध्ययन के साथ-साथ भाषा रत्न, साहित्य रत्न के साथ-साथ मुंबई यूनिवर्सिटी से पीएचडी की उपाधि को आपने प्राप्त किया | भारत के विभिन्न क्षेत्रों में आपका विचरण हुआ मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान, गुजरात, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, अमृतसर से लेकर कन्याकुमारी तक आपका विचरण हुआ आपके प्रभावशाली प्रवचन से प्रभावित होकर तमिलनाडु के हजारों लोगों ने मांसाहार एवं शराब का त्याग किया इससे प्रभावित होकर तमिलनाडु श्रीसंघ एवं आचार्य श्री देवेंद्र मुनि जी म सा. द्वारा दक्षिण ज्योति की उपाधि से अलंकृत किया गया | आचार्य सम्राट पू. श्री शिव मुनि जी म. सा. द्वारा आपको महाश्रमणी की उपाधि दी गई इसके अलावा प्रवचन प्रभाविका पूज्य श्री मूलमुनि जी म. सा. के द्वारा दी गई | शासन प्रभावीका, भारत ज्योति अनेक उपाधि से विभिन्न क्षेत्रों में आपको सम्मानित किया गया | लगातार 46 वर्ष से आप जिनशासन की प्रभावना कर रहे हैं |

दक्षिण ज्योति आर्या आदर्श ज्योतिजी म.

नाम - श्री आदर्श ज्योतिजी

पिताजी - श्री केशरीमलजी सुराना

माताजी - बालीबाई सुराना वर्तमान में श्री शीतल ज्योतिजी

भाई - श्री प्रकाशजी, पारसजी, सुभाषजी, दिनेशजी, प्रवीणजी

बहन - मगनजी, प्रेमजी, सुशीलाजी

दीक्षा - 17 फरवरी, 1978, सैलाना (मध्यप्रदेश)

गुरूणीजी - पूज्य प्रवर्तिनी श्री रतनकंवरजी म.

गुरूजी - आचार्य सम्राट पू. श्री आनन्दऋषिजी म.

अध्ययन - जैन सिद्धांत शास्रो (अहमदनगर) भाषारत्न (वर्धा), विद्यारत्न (मुंबई), साहित्य रत्न(इलाहाबाद)

भाषा - हिन्दी, संस्कृत, प्राकृत, मराठी, गुजराती, पंजाबी, राजस्थानी

प्रकाशित पुस्तक - विभाव से स्वभाव की ओर, आस्था के द्वार, विचार वातायन, चिन्तन कण, आदर्श गीतमाला

विचरण क्षेत्र - मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान, आंध्रप्रदेश, कर्नाटक, तमिलनाडु, दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, उत्तरप्रदेश, हिमाचल प्रदेश, उत्तरांचल, गुजरात ।

अलंकरण - दक्षिण ज्योति-1993 तमिलनाडु में, महाश्रमणी-2010 दिल्ली में प्रवचन, प्रभाविका-2011 फरीदाबाद में निशान, प्रभाषिका-2013 इन्दौर में।